बाल झड़ने का कारण क्या है, और  बालों का झड़ना कैसे रोके ??

बाल झड़ने का कारण पता होना चाहिए इस समस्या से छुटकारा पा सकते है, बालों का झड़ना एक बहुत बड़ा समस्या है। हर किसीके बाल थोड़े बहुत झड़ते हैं। लेकिन जब बालों का झड़ना अधिक होता है तब रोना आता है। इसे रोकने के लिए हॉस्पिटल में जाकर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं मगर कोई फ़ायदा नहीं होता । इस दौरान बालो पर उपयोग किये जाने वाले हेयर लोशन और दवाइयों में कई केमिकल होते हैं जो इन बालों पर साइड इफेक्ट्स करते हैं। बालो का गिरना तो कम हो जाता है मगर आपके बाल पहले से पतले और कमजोर हो जाते हैं।

पुरुषों में गंजापन देखना तो आम बात है, मगर महिलाओं की नींद हाराम करती है ये समस्याये । अगर आप इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका जानना चाहते है, कि बाल क्यों झड़ते हैं, और इसका इलाज क्या है।
इसीलिए हम आपके लिए कुछ टिप्स देंगे बस पढ़ें, और प्रयास करे ।

बाल झड़ने का कारण क्या है

बढ़ती उम्र के साथ साथ बालों का झड़ना आम बात है। हालांकि समय से पहले बालों का झड़ना कई कारणों से हो सकता है, जिनमें पारिवारिक इतिहास, शारीरिक/मानसिक स्वास्थ्य, दवाएं/उपचा।, प्रोटीन की कमी, विटामिन शामिल हैं। बालों झड़ने के लक्षण बहुत हल्के मे लेकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बालों के झड़ने का कारण नीचे वर्णन किया गया है।

तनाव (Stress) : महिलाओं में बालों का झड़ना शारीरिक या भावनात्मक तनाव है। रिसर्च के दौरान पता चला है की Stress यानि तनाब अधिकतर समस्याओं की जड़ है, उनमें से एक है बालों का झड़ना । आजकल की दौड़ भाग जिंदगी में तनाव होना बहुत आम बात है। तनाव Office में काम के बोझ से भी हो सकता है। पढ़ाई को लेकर, Business, पारिवारिक संबंधों को लेकर भी Stress हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि अपनी दिनचर्या में बदलाव करके मेडिटेशन या Yoga करके तनाव से छुटकारा पाया जाए। शारीरिक परिवर्तन जैसे अचानक वजन कम होना, तेज बुखार, बालों के झड़ने का कारण हो सकते हैं।

गर्भावस्था (Pregnancy): Pragnency के दौरान महिलाओं के शरीर मे कई भावनात्मक, हार्मोनल (Hormonal) और शारीरिक बदलाव होते हैं, जिसकी वज़ह से तनाव उत्पन होता है और बाल झड़ते है। और गर्भावस्था के बाद बालों के झड़ने का दूसरा नाम Telogen Effluvium है। गर्भावस्था के बाद Estrozen के स्तर में गिरावट हो जाती है। यह ज्यादातर गर्भावस्था के बाद 3 से 6 महीने की अवधि में होता है। Telogen Effluvium महिलाओं में बालों का झड़ना एक बहुत ही सामान्य कारण है। और लगभग 40% से 50% महिलाएं गर्भावस्था के बाद अस्थायी समय के लिए बालों का झड़ना अनुभव करती हैं।

प्रोटीन की कमी: अगर आप बालों के झड़ने से बचना चाहते हैं तो आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का होना बहुत जरूरी है। कभी-कभी, जब लोग Dieting पर जाते हैं, तो वे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों को कम कर देते हैं। इससे प्रोटीन की कमी होता है, और जब ऐसा होता है, तो शरीर में बालों का विकास को रोककर प्रोटीन को बचाने की कोशिश करता है। जिसके 2-3 महीनों बाद बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। हालांकि मांसाहारी इंसानों में विटामिन, प्रोटीन की कमी मांस, मछली, और अंडा से पूरी हो जाती है। मगर शाकाहारी लोग इन सबका सेवन नहीं करते इसलिए तो उनमें विटामिन और प्रोटीन की कमी होना बहुत आम है। जिसकी वजह से बाल जड़ों से कमजोर होकर गिरने लगते हैं। इसलिए जरूरी है कि दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स का भरपूर सेवन किया जाए और समय-समय पर प्रोटीन, विटामिन सप्लीमेंट्स भी चिकित्सक की सलाह के अनुसार लिए जाए, जिससे कि शरीर में प्रोटीन विटामिन की कमी ना हों।

एनीमिया: बालों के स्वास्थ्य के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण पोषक तत्व Iron है। शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कम संख्या Iron की कमी का कारण बन सकती है, इसलिए आयरन युक्त खाद्य पदार्थ खाना आवश्यक हो जाता है। एनीमिया प्रेरित बालों के झड़ने के अन्य कारण हो सकते हैं कि आपका शरीर पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित नहीं कर रहा है, रक्त की हानि, गर्भावस्था, बीमारी आदि हो सकती है।

महिलाओं में बालों के झड़ने के कुछ अन्य कारण सिफलिस, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, कीमोथेरेपी, हेयर शाफ्ट असामान्यताएं आदि हो सकते हैं। डॉक्टर द्वारा उचित निदान से आपको अपने बालों के झड़ने के कारण की पहचान करने में मदद मिलेगी।

बाल झड़ने का कारण
बाल झड़ने का कारण

बालों का झड़ना कैसे रोके?

हमारे शरीर के सभी हिस्सों में रक्त और Oxyzen का प्रवाह बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हालांकि, खराब परिसंचरण वाले बहुत से लोग पाते हैं कि उनकी खोपड़ी की कोशिकाएं मर जाती हैं, जिसका अर्थ है कि बाल बढ़ना बंद हो जाएंगे। इसलिए, आपके रक्त परिसंचरण को प्रोत्साहित करना और आपके शरीर में Iron के उचित स्तर को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। Iron की कमी को एनीमिया कहा जाता है, और आयरन के बिना आप लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करने में असमर्थ होते हैं। लोहे के साथ, त्वचा की सतह को ही उत्तेजित करना महत्वपूर्ण है, जो क्षेत्र में रक्त खींचती है और कूप कोशिकाओं में बालों के विकास और जीवन को उत्तेजित करती है। इस लाभकारी रक्त प्रवाह को बनाने के लिए स्कैल्प की मालिश सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। हालाँकि, यदि आपके बालों का झड़ना आमतौर पर बालों को रगड़ने पर (ब्रश से या अपने बालों को शैम्पू करते समय) गुच्छों में आ जाता है, तो हो सकता है कि आप बहुत बार मालिश नहीं करना चाहें, क्योंकि यह केवल बालों के झड़ने को बढ़ा देगा।

  • भोजन में विटामिन, प्रोटीन और मिनरल्स  से भरपूर संतुलित आहार लें।
  • नहाने के बाद बालों को सुखाने के लिए नर्म तौलिए का इस्तेमाल करें।
  • बालों में शैम्पू के बाद कंडीशनर का प्रयोग करें।
  • हफ़्ते में दो बार रात को सोने से पहले बालों में तेल लगाकर सोए और सुबह शैम्पू करें।
  • लंबे बालों में झड़ने और पतले होने की समस्या अधिक होती है इसलिए बालों को छोटा रखें।
  • बाज़ार में मौजूद अधिकतर शैम्पू केमिकल्स से लैस होते हैं, इसलिए माइल्ड शैम्पू का प्रयोग करें।

how to moisturize dry hair home remedies in Hindi

क्या न करें (Don’ts Doing This)

  • चूंकि तनाव बालों के झड़ने की वजह है इसलिए अत्यधिक स्ट्रेस न लें।
  • हेयर स्ट्रेटनिंग (hair straightening) और हेयर कर्लरिंग (hair curling) के उपकरणों का उपयोग अधिक न करें।
  • एन्टी डैंड्रफ शैम्पू लंबे समय तक प्रयोग न करें।
  • हर रोज हेयर जेल का प्रयोग न करें।
  • गीले बालों में कंघी न करें।
  • पाँच मिनट से अधिक बालों में कंडीशनर को लगा कर न रखें।
  • बालों में मेहंदी के अत्यधिक प्रयोग से उन पर एक परत (coat) बन जाती है, इसलिए अत्यधिक मेहंदी का प्रयोग न करें।
Spread the love

Leave a Comment